मुक्तक

मैं तेरा कबतलक इंतजार करता रहूँ?
तेरी आरजू को बेकरार करता रहूँ?
थक गयी हैं कोशिशें मेरी उम्मीदों की,
मैं तेरे प्यार पर ऐतबार करता रहूँ?

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

3 Comments

  1. Anirudh sethi - February 13, 2018, 7:34 pm

    amazing

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