मुक्तक

जो मस्तियों का दौर था वो आज नहीं है!
अब जिन्दगी में शौक का मिजाज नहीं है!
टुकड़ों में नजर आती हैं वस्ल की रातें,
अब जुस्तजू में जोश का अंदाज नहीं है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

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सर्वश्रेष्ठ हिन्दी कहानी प्रतियोगिता


समयसीमा: 24 फ़रवरी (सन्ध्या 6 बजे)

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Profile photo of Mithilesh Rai
Lives in Varanasi, India

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