मुक्तक

मुक्तक

कैसे कहूँ मैं गमज़दा नहीं होता हूँ!
कैसे कहूँ मैं यादों में नहीं खोता हूँ!
जब अश्कों का सागर है मेरी आँखों में,
कैसे कहूँ मैं तेरे लिए नहीं रोता हूँ!

मुक्तककार -#मिथिलेश_राय

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Lives in Varanasi, India

6 Comments

  1. Antariksha Saha - January 3, 2018, 12:00 pm

    awesome

  2. Anjali Gupta - January 2, 2018, 7:03 pm

    nice

  3. Panna - January 2, 2018, 4:32 pm

    Bahut khoob

Leave a Reply