मुक्तक

कोई रोके लाख मगर सवेरा नहीं रुकता!
सामने उजालों के अंधेरा नहीं रुकता!
हम रोक लेंगे हिम्मत से तूफाने-सितम को,
जुल्मों के खौफ से कभी बसेरा नहीं रुकता!

मुक्तककार -#मिथिलेश_राय


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Profile photo of Mithilesh Rai
Lives in Varanasi, India

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