मुक्तक

मुक्तक

तेरा जब मुझे रुखसार याद आता है!
तेरे हुस्न का दीदार याद आता है!
यादों से जुड़ जाती हैं वक्त की कड़ियाँ,
सब्र का दिल से तकरार याद आता है!

मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

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Lives in Varanasi, India

3 Comments

  1. Yogi Nishad - December 29, 2017, 10:09 am

    उम्दा है

  2. राही अंजाना - December 29, 2017, 10:41 am

    बहूत खूब सर मेरी नव वर्ष आने को है कविता को वोट करें प्लीज़ और लोगों को भी कहे

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