मुक्तक

मुक्तक

हुई है शाम मगर रात को होने दो!
अपनी तन्हाई में मुझको खोने दो!
बेकरार ख्वाब हैं आने को नजर में,
थोड़ी देर चैन से मुझको सोने दो!

मुक्तककार- #महादेव’

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Lives in Varanasi, India

7 Comments

  1. Neetika sarsar - May 22, 2017, 11:31 am

    Nice

  2. Ramesh Singh - May 22, 2017, 8:52 pm

    Behtareen pankti sir

  3. Anirudh sethi - May 22, 2017, 9:40 pm

    nice

  4. Vipul - May 22, 2017, 11:28 pm

    बेहद उम्दा

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