मुक्तक

कभी राहे-जिन्दगी में बदल न जाना तुम!
कभी गैर की बाँहों में मचल न जाना तुम!
सूरत बदल रही है हरपल तूफानों की,
कभी हुस्न की आँधी में फिसल न जाना तुम!

मुक्तककार- #महादेव'(24)


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Lives in Varanasi, India

7 Comments

  1. Profile photo of सीमा राठी

    सीमा राठी - March 30, 2017, 9:17 am

    nice

  2. Profile photo of Urvashi Singh

    Urvashi Singh - March 29, 2017, 9:41 am

    nice

  3. Nitika Verma - March 29, 2017, 9:39 am

    Masha Allah..

  4. Panna - March 29, 2017, 8:48 am

    bahut khoob

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