मुक्तक

सोचता हूँ तेरा मैं इरादा छोड़ दूँ!
सोचता हूँ मंजिलों का वादा तोड़ दूँ!
कबतलक देखूँ अदाओं को महादेव?
हुस्न की निगाहों का इशारा मोड़ दूँ!

#महादेव_की_कविताऐं’

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 
यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|
 
सावन का लक्ष्य है, कविता के लिए एक मंच स्थापित करना, जिस पर कविता का प्रचार व प्रसार किया जा सके और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा सके| यदि आप सावन की इस उद्देश्य में मदद करना चाहते है तो नीचे दिए विज्ञापन पर क्लिक करके हमारी आर्थिक मदद करें|

 
Profile photo of Mithilesh Rai
Lives in Varanasi, India

Leave a Reply