मित्रता के तख्त पर

**मित्रता के तख्त पर”**
मधुर प्रातः स्मरण ”

नित शाखें प्यार की हैं झूमती ,
हर जिंदगी के. दरख्त पर ।
हर सुवह शाम की दुआ-सलाम,
करते है मित्रता के तख्त पर ।

जानकी प्रसाद विवश
प्यारे मित्रो ,
मधुर सवेरे की हार्दिक मंगलकामनाएँ ,
सपरिवारसहर्ष स्वीकार करें ।

आपका अपना मित्र
जानकी प्रसाद विवश

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2 Comments

  1. DV - March 13, 2018, 10:23 am

    wonderful lines… refreshing as usual

  2. राही अंजाना - July 31, 2018, 10:52 pm

    Waah

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