माँ

तू जो होती माँ
मैं कभी ना रोती माँ

मैं भी स्कूल में सबके साथ
तेरे बनाए पराठे खाती..माँ

सब बच्चो की तरह
मैं भी ठहाके लगाती..माँ

तू जो होती माँ
मैं कभी ना रोती.. माँ

जब भैय्या मुझे चिढ़ाते
तुम उसे डाँटती..माँ

मेरी पढ़ाई के लिए
पापा से तुम,लड़ जाती..माँ

तु जो होती माँ
मैं कभी न रोती माँ

मेरा बचपन खिल जाता
तेरा प्यार जो मिल जाता माँ

तु जो होती माँ
मैं कभी ना रोती माँ

ज़िंदगी इतनी दुश्वार ना होती

अगर तू होती माँ

मैं कभी ना रोती माँ ।

राजनंदिनी रावत

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13 Comments

  1. Rajnandini Rawat - May 3, 2018, 7:45 pm

    Good

  2. Neetu - May 8, 2018, 9:56 pm

    Nice

  3. Neetu - May 8, 2018, 9:56 pm

    Bht mst likha h

  4. Kavita - May 8, 2018, 10:45 pm

    Superb 😊

  5. Armaan - May 8, 2018, 11:26 pm

    waooo… superr

  6. Neeraj - May 8, 2018, 11:49 pm

    Superb

  7. Ashok - May 9, 2018, 4:33 am

    Nice poem thanks for you

  8. Rajnandini Rawat - May 9, 2018, 5:33 am

    Mstttt

  9. Hemraj - May 9, 2018, 7:24 am

    😇bhot acha likha 😊 nice line 👌😆

  10. Chanchal - May 13, 2018, 10:32 am

    Awsm

  11. Jai - May 13, 2018, 11:27 am

    Bohot khubsurat likha hai 😍❤

  12. Ravi - May 13, 2018, 2:53 pm

    Bhut khub

  13. Raju - May 13, 2018, 3:10 pm

    Bhut khub ji

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