माँ की दुआ

माँ हो साथ मेरे तो दुआ भी साथ देती है
जब तक हाथ सर पे है खता भी साथ देती है

जाने क्या असर है माँ के हाथो में खुदा जाने
ममता से खिला दे तो दवा भी साथ देती है

कुछ भी हो नही सकता भले तूफान हर सू हो
माँ जब सामने हो तो हवा भी साथ देती है

फैलेगीं हवाओं में बहारें इस कदर तेरे
माँ के साथ होने से फ़िजा भी साथ देती है

रहमत जान ले तू भी ‘लकी’ माँ की दुआओं की
सर पे हाथ रखते ही कजा भी साथ देती है

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9 Comments

  1. Ritu Soni - April 29, 2018, 12:43 pm

    Nice

  2. Dharmendra Kumar - May 8, 2018, 7:35 pm

    Bhut behtreen

  3. Deepak - May 9, 2018, 6:55 am

    Maan khubsurti ke har pahlu ka bakhubi varnan kiya. Bahut khub👌👌

  4. 198126947436688 - May 9, 2018, 7:21 am

    वाह बेहतरीन बेमिसाल रचना

  5. Narendra - May 9, 2018, 8:37 am

    Very nice

  6. Pansy - May 9, 2018, 11:20 am

    Suprb exquisite

  7. Raj - May 9, 2018, 11:28 am

    Very nice thought for this poem

  8. राही अंजाना - May 13, 2018, 10:16 pm

    वाह

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