भेद भाव

जाति पाती का भेद नहीं ,
बस सम दृष्टि हो

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

Previous Poem
Next Poem
Spread the love

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

3 Comments

  1. Akanksha - July 10, 2018, 11:49 pm

    Good

  2. Arun - July 10, 2018, 11:49 pm

    Waahhh sundar

  3. Arun - July 22, 2018, 11:28 pm

    Waah

Leave a Reply