भावना-साग

“* भावना-सागर”*
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भावनाओं से बँधा संसार है ,
भावना के बिना , झूठा प्यार है ।
भावनाओं में अमर विश्वास है ,
भावना की तरी , बेड़ा पार है ।
जानकी प्रसाद विवश
प्यारे मित्रो ,
सवेरे की प्रेरक भोर में
सपरिवारसहर्ष मंगलकामनाएँ सहर्ष स्वीकार करें ।

सविनय ,
आपका अपना मित्र
जानकी प्रसाद विवश

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