भवर

भवर मैं पहुंचा तो,
सोचा मुझे आएगा कोई बचाने

किनारे पर भीड़ थी लाखों की,
कुछ चेहरे कुछ जाने अनजाने

देखती रही दुनिया मुझको
न आया कोई बचाने

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

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3 Comments

  1. Arun - July 10, 2018, 11:52 pm

    Kya khoob likha hai

  2. Akanksha - July 12, 2018, 8:09 pm

    😊😊

  3. Vinita Shrivastava - July 18, 2018, 6:11 pm

    धन्यवाद

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