बड़े दिनों के बाद बेचारी आँखों ने

बड़े दिनों के बाद बेचारी आँखों ने

बड़े दिनों के बाद बेचारी आँखों ने,

स्वप्नों भरी एक रात गुजारी आँखों ने,

बेचैनी भरपूर दिखाई आँखों ने,

जिस पल उनसे नज़र मिलाई आँखे ने,

कल्पनाओं की कलम चलाई आँखों ने,

हर दिन नई तस्वीर बनाई आँखों ने।।
राही (अंजाना)

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. देव कुमार - June 10, 2018, 2:06 pm

    Nice

  2. देव कुमार - June 10, 2018, 4:33 pm

    Wlcm

  3. Neha - July 31, 2018, 8:55 pm

    Nice

Leave a Reply