//बेजा कब्जा// (नवगीत)

नाचत हे परिया

गावत तरिया
घर कुरिया ला, देख बड़े ।

सुन्ना गोदी अब भरे
दिखे आदमी पोठ
अब सब झंझट टूट गे
सुन के गुरतुर गोठ

सब नरवा सगरी
अउ पयडगरी
सड़क शहर के, माथ जड़े ।

सोन मितानी हे बदे,
करिया लोहा संग
कांदी कचरा घाट हा
देखत हे हो दंग

चौरा नंदागे,
पार हरागे
बइला गाड़ी, टूट खड़े ।

छितका कोठा गाय के
पथरा कस भगवान
पैरा भूसा ले उचक
खाय खेत के धान

नाचे हे मनखे
बहुते तनके
खटिया डारे, पाँव खड़े ।।

.रमेश चौहान


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 
यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|
 

Related Posts

भगवान

भगवान

गीत गाती रही रात भर

निष्ठुर मेघ

तिरंगा हमारा भगवान है

तिरंगा हमारा भगवान है

7 Comments

  1. Profile photo of Panna

    Panna - September 25, 2016, 8:15 pm

    nice

    • ramesh chauhan - November 6, 2016, 9:43 pm

      छत्तीसगढ़ी नवगीत

      • ramesh chauhan - November 6, 2016, 9:45 pm

        छत्तीसगढ़ी नवगीत के ये प्रयास ला सराहे बर आपके अंतस ले आभार

  2. Profile photo of Puneet Sharma

    Puneet Sharma - September 25, 2016, 4:39 pm

    bahut bahut muda rachna!

  3. Profile photo of Priya Bharadwaj

    Priya Bharadwaj - September 25, 2016, 12:24 am

    laajbaab

  4. Profile photo of Anirudh sethi

    Anirudh sethi - September 24, 2016, 11:58 pm

    bahut khoob

  5. Profile photo of Neelam Tyagi

    Neelam Tyagi - September 24, 2016, 11:48 pm

    Nice

Leave a Reply