बिन निज भाषा के ज्ञान के बजे ना कोई बीन

बिन निज भाषा के ज्ञान के बजे ना कोई बीन,
अंग्रेजी जो भी पढ़े होवे हिय से हीन,
संस्कारों की खेती अब न कर पाये कोई दीन,
हिन्दी को अपनी कोई ले न हमसे छीन।।
राही (अंजाना)

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9 Comments

  1. देव कुमार - June 14, 2018, 8:50 pm

    Nice

  2. Mithilesh Rai - June 15, 2018, 4:43 am

    Very good

  3. Neha - June 15, 2018, 8:37 pm

    Nice

  4. देव कुमार - June 18, 2018, 1:36 am

    Welcome

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