बातें बड़ी बनाने लगे, हम शहर में पाँव जमाने लगे

बातें बड़ी बनाने लगे, हम शहर में पाँव जमाने लगे

बातें बड़ी बनाने लगे, हम शहर में पाँव जमाने लगे,
दिन में सोया करते थे, हम रातों को साथ जगाने लगे।।
राही (अंजाना)

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4 Comments

  1. ज्योति कुमार - August 12, 2018, 8:59 am

    Waah

  2. Abhilasha Shrivastava - August 15, 2018, 9:39 am

    Aap ka thought process bahut hi live h.

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