पहचान

पहचान

बड़ी कोशिशें की
खुद को जानने की
पहचानने की
ज्ञानियों से चर्चा की
पोथियाँ पढ़ी
ध्यान लगाया
पर आज जब
बाजार गई
तो समझ आया
कि मैं
ब्लाउज और
पेटीकोट हूँ
इससे अधिक
कुछ नही

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