पराजय

रात रात भर जाग कर
आगे बढ़ने की होड़

चल कपट से जो जीता
ये तेरी जीत नहीं

संभल जा ऐ बंदे
जीत के भी तेरी हार हुई

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

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11 Comments

  1. ज्योति कुमार - July 10, 2018, 5:22 pm

    वाह

  2. Arun - July 10, 2018, 11:46 pm

    Wahh

  3. Akanksha - July 10, 2018, 11:46 pm

    Bhut sundar

  4. Arun - July 13, 2018, 12:14 pm

    Bhut khub

  5. Arun - July 13, 2018, 12:15 pm

    Bha

  6. Arun - July 13, 2018, 12:16 pm

    Bhaa kyabat hai

  7. Arun - July 13, 2018, 12:17 pm

    Bhaa khub likha hai

  8. Arun - July 13, 2018, 12:18 pm

    Kya bat hai

  9. Vinita Shrivastava - July 18, 2018, 6:14 pm

    धन्यवाद

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