नया साल और मेरा प्यार

अब तो तुम मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो,
मोहब्बत का सफर नये साल पे छोड़ दो !
आने लगी है प्यार की खुश्बू मेरे शर्ट से ,
जो मुझसे न हो उस सवाल पे छोड़ दो !!
राह से गुजरने वाली को बेतहाशा देखते हैं,
मेरी बर्बादी का कुछ लोग तमाशा देखते हैं !
स्वप्न का मेरा महल अब खंडहर हो गया है,
इन्तजार करते अब शाम से सहर हो गया है !!
हर रात मेरे सपने में तुम यूँ आया न करो,
खामखाँ मेरा दिल तुम यूँ दुखाया न करो !
कैसे बताउँ तुमको मैं कितना चाहता हूँ,
नये साल में खुदा से मैं तुम्हे मांगता हूँ !!
निगाहें-तलब से देखकर एलान करता हूँ,
प्यार का इजहार मैं सरेआम करता हूँ !
निशातकदे की खोज में चलता हूँ कहीं दूर,
नये साल में जल्दी से मैं ये काम करता हूँ !!

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5 Comments

  1. Jyotsana - December 25, 2017, 10:47 pm

    Awesome

  2. Madhavi - December 26, 2017, 7:49 pm

    Bhut khub beta

  3. राही अंजाना - December 30, 2017, 1:02 pm

    क्रप्या मेरी कविता नव वर्ष आने को है वोट करें।

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