धोखा

दर्द तो दुनिया ने बहुत दिए,
पर दुनिया वाले भी अपने थे,
इसीलिए खुशी-खुशी सह लिए।

अपने यारों से उम्मीदें बहुत थी,
पर वह भी मुझे‌ समझ न पाए।

दुखी तो बहुत था दिल पर जताने का मन न किया,
अब दिल को क्या पता था जान जिनपर वारी,
दर्द भी उन्होंने ही दिया।।

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2 Comments

  1. ज्योति कुमार - July 5, 2018, 9:32 am

    वाह

  2. राही अंजाना - July 7, 2018, 11:36 pm

    वाह

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