दोस्ती

छोटी सी ख़ता पे दोस्ती तोड़ दे,
रिश्तों के समन्दर का जो मुँख मोड़ दे,
उम्मीदों पर टिकी हुई दुनियाँ छोड़ दे,
वो सम्बन्ध ही क्या जो बन्धन छोड़ दे।।
RAAHI

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

1 Comment

  1. Neha - June 22, 2018, 9:54 am

    Waah

Leave a Reply