दुःख मे भी मुस्कुराना सीखिए

✍🌹(अंदाज) 🌹
—–($)—-

दुःख मे भी मुस्कुराना सीखिए
गम मे भी खिलखिलाना सीखिए

उलझने आये चाहे जितने भी
रंज मे भी मचल जाना सीखिए

संताप है सब प्रारब्ध कर्मो का
यह समझ सब्र लाना सीखिए

लक्ष्य चुन मंजिल को पा जाओ
सफलता तक खुद जाना सीखिए

जीवन का गहरा अथ॔ समझकर
जिंदगी सफल निभाना सीखिए

आदश॔ बने यह जीवन अर्जुन
प्रेरणा जग को दे जाना सीखिए

श्याम दास महंत
घरघोडा
जिला-रायगढ(छग)
✍🌹💛🙏🏻💛🌹✍
(दिनांक -05-04-2018)

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

2 Comments

  1. Priya Bharadwaj - April 7, 2018, 8:25 am

    very true

  2. राही अंजाना - July 31, 2018, 10:39 pm

    Waah

Leave a Reply