दवा

जिस्म छोड़ कर रूह पे असर उसका होता रहा,
दवा नहीं मर्ज़ ऐ मोहब्बत की चपेट में था मैं।।
राही (अंजाना)

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6 Comments

  1. Bidya - July 31, 2018, 10:38 am

    Bahot sundar

  2. ज्योति कुमार - July 31, 2018, 8:47 pm

    Waah kya baat hai

  3. Neha - July 31, 2018, 8:52 pm

    Waah

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