*दर्द से नाता*

*दर्द से नाता*
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गीतकार- जानकीप्रसाद विवश

दर्द का
जिंदगी से
नाता है ,

बेहिसाबी से
दर्द भी
इसे निभाता है।

न किसी को है ,
किसी की
कभी
कोई चिंता ,

दर्द की जिंदगी ,
कैसे
कोई बिताता है।

जानकीप्रसाद विवश

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2 Comments

  1. Mithilesh Rai - May 16, 2018, 5:50 pm

    बेहद सुन्दर रचना

  2. राही अंजाना - May 16, 2018, 8:40 pm

    Badhiya

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