तो यह है मामला

क्या हुस्न अदा,कैसा शिक़वा गिला
किस्मत में ना था प्यार
इसलिए ही ना मिला
खुदा जानता है मेरा दिल झरने के पानी की तरह साफ़ है
पर यह भी सच है की कमल कभी भी साफ़ पानी में ना खिला

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

1 Comment

  1. Anjali Gupta - October 12, 2016, 2:58 pm

    amazing 🙂

Leave a Reply