तितली

जहाँ भी रहे नज़र आती है,
वो हवाओं सी मुझे सुहाती है,
हाथ आये न आये वो मेरे,
वो तितली अपनी ओर बुलाती है।।
राही (अंजाना)

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3 Comments

  1. Mithilesh Rai - June 20, 2018, 2:57 pm

    Very nice

  2. Neha - July 8, 2018, 12:44 pm

    Waah

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