तम

जिस दिशा में दृष्टि जाती,
दिखता तम ही तम है

दूर करदे शीघ्रता से,
तेरे उर में जो अहम है

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

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5 Comments

  1. ज्योति कुमार - July 7, 2018, 9:44 pm

    लजबाब

  2. राही अंजाना - July 7, 2018, 11:20 pm

    वाह

  3. Vinita Shrivastava - July 10, 2018, 3:17 pm

    बहुत धन्यवाद्

  4. Akanksha - July 10, 2018, 11:46 pm

    Bhut sundar

  5. Vinita Shrivastava - July 24, 2018, 11:25 am

    dhanyawad

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