तजुर्बा

हर सुबह ज़िन्दगी की नई जंग शुरू करता हूँ,
हर शाम तजुर्बों से अपनी किस्मत बुनता हूँ।।
राही (अंजाना)

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2 Comments

  1. ज्योति कुमार - July 31, 2018, 8:51 pm

    Waah kya baat hai

  2. Neha - July 31, 2018, 8:53 pm

    Kya baat

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