डर

डर अब अँधेरी रातों से नहीं लगता,
क्योंकि रातें अपने आगोश में सुला लेती है।
डर तो रौशनी की किरणों से लगता है,
क्योंकि रौशनी सब कुछ साफ़ साफ़ दिखा देती है।

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4 Comments

  1. राही अंजाना - June 30, 2018, 3:53 pm

    Shi

  2. Neha - July 1, 2018, 10:48 am

    Very nice

  3. bhoomipatelvineeta - July 1, 2018, 10:58 am

    Thank u

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