डर लगता है

देखो तो मजमा आजकल उनका इधर लगता है
मतलब की है यारी, सर-बसर लगता है

कहते थे कभी मुल्क की आवाम के हैं सेवक
देखो तो आज बनारस ही उनका घर लगता है

कब्रिस्तान और श्मशान की हो रही बराबरी
बनाएंगे पूरे हिन्दुस्तां को, मुजफ्फरनगर लगता है

महंगा हुआ है खाना, महंगी है रसोई
शिद्दतों से आये अच्छे दिन का असर लगता है

आतंक और करप्शन तो हैं ही दर्द-अंगेज़
नए पनपते देशभक्तों से भर गया शहर लगता है

बंद लब कर, चुप बैठा है ‘विनायक’
डर है किसी बात से, अब ये कहने में भी डर लगता है।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 
यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|
 

4 Comments

  1. Profile photo of सीमा राठी

    सीमा राठी - March 15, 2017, 9:27 am

    nice

  2. Kumar Bunty - March 14, 2017, 12:39 am

    BAHOOT KHOOB

  3. Profile photo of Anirudh sethi

    Anirudh sethi - March 13, 2017, 11:20 pm

    nice

Leave a Reply