टूटती जिंदगी

हमने चाहतों को सजाना छोड़ दिया
तेरे जाते ही जमाना छोड़ दिया

क्यों हम टूटते ही चले जा रहे हैं
लगता है उसने बनाना छोड़ दिया

नींद भी हमें अब कम आती है
ख्वाबों ने भी तो आना छोड़ दिया

डर लगता है अब बिखरने से हमें
नजरों से नजरें मिलाना छोड़ दिया

सफर में एक साथी कुछ देर का
उसने भी साथ निभाना छोड़ दिया

हर खुशी में एक गम छुपा दिखता है
सो हमने खुशी को पाना छोड़ दिया

लोग आते हैं और चले जाते हैं
हमने दिल को समझाना छोड़ दिया

अब गिरना वाजिब लगता है शिव
इसलिए संभल जाना छोड़ दिया

शिव उपाध्याय

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

By Shiv

8 Comments

  1. Viagra cost - April 15, 2018, 7:50 am

    Viagra vs viagra vs levitra http://viagravonline.com/

    Kudos. Loads of knowledge!

  2. Buy generic cialis - April 15, 2018, 12:16 am

    Canadian cialis http://cialisvonline.com/

    Regards. Awesome information.

  3. Buy generic cialis - April 14, 2018, 1:19 pm

    Viagra or cialis http://kawanboni.com/

    Fine write ups. Thanks a lot.

  4. Viagra generic - April 14, 2018, 1:48 am

    Viagra levitra http://rldta.com/

    Appreciate it! Lots of postings.

  5. Buy cialis online - April 13, 2018, 11:57 pm

    Tadalafil generic http://cialisyoues.com/

    Appreciate it. Quite a lot of facts!

  6. Viagra 5 mg - April 13, 2018, 6:15 pm

    Viagra generic http://viagravipsale.com/

    This is nicely put. .

  7. Cialis kaufen - April 13, 2018, 6:19 am

    Cialis online http://cialisvipsale.com/

    Terrific posts, Kudos!

  8. ashmita - April 11, 2018, 7:09 am

    nice..andaaz e bayan

Leave a Reply