जिन्दगी के तजुर्बे

“**जिन्दगी के तजुर्बे”**
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जिंदगी के तजुर्बे
सताते
बहुत हैं ,

हँसाते बहुत हैं ,
रुलाते
बहुत हैं ।

कभी हों अकेले ,
हाँ
बिल्कुल अकेले,

तजुर्बे
साथ मन से
निभाते बहुत हैं ।

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*** जानकी प्रसाद विवश****

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1 Comment

  1. Saavan - February 9, 2018, 10:32 pm

    जिंदगी के तजुर्बो का बेहद बारीक वर्णन| कम शब्दों में बेहतरीन प्रभाव|

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