जलने और जलाने का बस इतना सा फलसफा है

जलने और जलाने का बस इतना सा फलसफा है
फिक्र में होते है तो खुद जलते हैं
बेफ़िक्र होते हैं तो दुनिया जलती है

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2 Comments

  1. राही अंजाना - July 26, 2018, 5:35 pm

    वाह

  2. Antariksha Saha - July 26, 2018, 8:03 pm

    dil ko chu liya sir

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