जय हिन्द

ये  अजूबा  किसने  कर दिया
फक्त एक मुट्ठी मैं सारा हिन्द
इकट्ठा कर दिया
तीन ही रंगों मैं सारा
हिन्द बया कर दिया
केसरी है वीरो के , बलिदानो का प्रतीक
जिन्होंने  स्वय को समर्पित कर
अपने लहू से तिलक कर हिन्द
के माथे को चन्दन-सा महका   दिया !
सफेद है उस सांति का प्रतीक
जिसके लिये फिरती है दुनिया मारी -२
लेकिन हिन्द गोद को इससे शुशुभित कर दिया !
हरा रंग है उस खुशहाली का प्रतीक
जब हिन्द की मिटटी को दुश्मन ने
लहू -लुहान किया
तब सुबह सूरज से भी पहले जाग
हिन्द को  खुशहाल किया !
चक्र का नीला रंग प्रतीक है
उस अशोक का
जिसकी गाथा दुनिया आज भी गाती है
हर  माँ अपने बच्चे को उस वीर की कहानी सुनाती   है  !
शौर्य ,शांति और  हरियाली का प्रतीक हिन्द हमारा
इसमे बसा है सारा हिन्द हमारा !

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3 Comments

  1. Kirti - January 27, 2017, 4:45 pm

    inspiring

  2. Aman Chandra - January 27, 2017, 10:25 pm

    good

  3. Shivam - January 27, 2017, 10:42 pm

    Nyc poem

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