जंजीर

वक्त की जंज़ीर भला मुझे बांधेगी कैसे,
मैं तो पानी हूँ पत्थर भी चीरे हैं मैने।।
राही (अंजाना)

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6 Comments

  1. Antariksha Saha - July 20, 2018, 12:17 am

    awesome bhai

  2. ज्योति कुमार - July 20, 2018, 7:15 am

    Wash kya baat hai

  3. Neha - July 20, 2018, 8:56 pm

    Kya baat

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