छू पाना आसमां को

**छू पाना आसमां को “**
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छू पाना आसमां को ,
माना जरा कठिन है ।
छू जाना दिलों का तो ,
आसान बहुत होता ।

विश्वास किसी को भी
हो पाए नहीं इस पर ।
विश्वास कर के देखो ,
आसान बहुत होता ।

प्यारे मित्रो ,
मधुर प्रातः की
उमंगों से भरी बेला में,
सपरिवारसहर्ष ,हमारी मंगलकामनाएँ
स्वीकार करें ।

आपका अपना मित्र
जानकी प्रसाद विवश

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समयसीमा: 24 फ़रवरी (सन्ध्या 6 बजे)

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