चेहरे के हर भाव की जल्द ही कीमत लगने लगेगी

चेहरे के हर भाव की जल्द ही कीमत लगने लगेगी

चेहरे के हर भाव की जल्द ही कीमत लगने लगेगी,

खामोशी, हंसी की दुकानों पर प्रदर्षनी लगने लगेगी,

जेब खाली हो जायेगी सिर्फ भावों को सुनकर इनके,

गहरी मगर ये मेरी बात सोंचो तो सच लगने लगेगी,

वयस्त है मस्त हैं सभी अपने ही आप में इस तरह.

के रिश्ते नातों की सबके बीच में छुटटी लगने लगेगी।।

– राही (अंजाना)

Previous Poem
Next Poem
Spread the love

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. ashmita - May 26, 2018, 12:40 pm

    nice

  2. Sridhar - May 26, 2018, 1:17 pm

    मुस्कुराहट कभी हवा की माफ़िक फ्री हुआ करती थी
    अब तो हर चीज बिकने लगी है बाजारों में

Leave a Reply