चलना

क्यों बुझे हैं ,द्वीप ह्रदय के
तुझे जग आलोकित ,है करना

नव उमंग उत्साह लिए,
प्रति पल बाधा से है लड़ना

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

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5 Comments

  1. ज्योति कुमार - July 7, 2018, 9:43 pm

    वाह

  2. राही अंजाना - July 7, 2018, 11:20 pm

    वाह

  3. Vinita Shrivastava - July 10, 2018, 3:17 pm

    बहुत धन्यवाद्

  4. Akanksha - July 10, 2018, 11:45 pm

    Waah..kya baat hai

  5. Akanksha - July 12, 2018, 8:01 pm

    laajabab

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