गुमान

गुमान ही नहीं होता ऐसे महसूस
इश्क़ जो हमें कभी मिला नहीं है
मैंने तो दिया था उधार में दिल
खुद का समझ वापस दिया नहीं है

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2 Comments

  1. Anirudh sethi - October 2, 2016, 9:54 am

    बहुत खूब
    बहुत खूब
    बहुत खूब

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