गीत

मैं गीत क्या रचूंगी,
तुम प्रेरणा न बनते

मेरे निष्ठुर उर मैं,
वन वेदना न उठते

मैं गीत क्या रचूंगी
तुम प्रेरणा न बनते

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

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3 Comments

  1. Arun - July 10, 2018, 11:53 pm

    Kya khoob likha hai

  2. Vinita Shrivastava - July 19, 2018, 4:55 pm

    धन्यवाद आपका

  3. Akanksha - July 22, 2018, 12:02 pm

    Sundar

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