ख्वाब

तुम जहां भी रहोगी निहारा करूँगा,
तुम्हे ख्वाबों में अपने पुकारा करूँगा,
दिखेंगी नहीं जब मुझे आँखे तुम्हारी,
तुम्हें आईने में अपने उतारा करूँगा।।
राही (अंजाना)

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2 Comments

  1. Neha - July 12, 2018, 1:14 pm

    Waah

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