खेल खेलने बैठा तो खिलाड़ी न मिला

खेल खेलने बैठा तो खिलाड़ी न मिला

खेल खेलने बैठा तो खिलाड़ी न मिला,
एक बन्दर को उसका मदारी न मिला,
ज़िन्दगी की बिसात में हम कुछ फंसे ऐसे,
कि हमारी चालोन को कोई जबाबी न मिला।।
राही (अंजाना)

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2 Comments

  1. ज्योति कुमार - July 7, 2018, 4:29 am

    बहुत खुब सर

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