खामोशियाँ

खामोशियाँ यूँही तो खामोश नहीं होती,
कोई वजह तलाशो क्यों इनमें आवाज नहीं होती।।
राही (अंजाना)

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

6 Comments

  1. Panna - May 6, 2018, 9:06 pm

    Well said

  2. राही अंजाना - May 6, 2018, 9:23 pm

    धन्यवाद पन्ना

  3. Ravi - May 12, 2018, 1:51 pm

    Osm

  4. Shruti - May 12, 2018, 2:50 pm

    Nice

Leave a Reply