क्यों चली जाती हो ” रहस्य “

रोज मेरे ख्वाबो में आकर क्यों चली जाती हो।
पास ना होके दूर से सता के क्यो चली जाती हो।।
*********

जब्बभी सोचता हूँ कुछ पल सोलू रातो को।
आके यादों में निंद चूरा कर क्यों चली जाती हो।।
*********

बेखबर हो तूम मेरी सपनो कि उस दुनिया से।
हर बार दिल में दस्तक देकर क्यों चली जाती हो।।
********

रोज मेरे ख्वाबो में आकर क्यों चली जाती हो

” रहस्य ” देवरिया

Previous Poem
Next Poem
Spread the love

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

2 Comments

  1. Deepika - May 2, 2018, 11:42 am

    nice

Leave a Reply