क्या था क़सूर मेरा??????

क्या था क़सूर मेरा?????
(पीड़ित बेटी आसिफ़ा के सवाल)

1.गहन गिरवन सघन वन में
बहुत खुश अपने ही मन मे
मूक पशु पक्षी के संग में
था बसा परिवार मेरा…..
पूछना में चाहती हु क्या था क़सूर मेरा ?????
2.बेटी बन में घर तुम्हारे आ गयी थी
खुशियां बन परिवार जन पर छा गयी थी
दो समय का भोज था और कुछ थे अपने
थी भली वह झोपड़ी न थे महल सपने
था ये हंसता खेलता संसार मेरा ……
पूछना में चाहती हु क्या था क़सूर मेरा ?????
3.पापा की में शान थी और प्राण माँ का
उनके अधरों की हंसी अभिमान माँ का
कौन है अपने पराए न जानती में
सबका पाया प्यार सबको मानती में
फिर कौन थे जो कर गए ये हाल मेरा
पूछना में चाहती हु क्या था क़सूर मेरा ?????
4.ऐ मेरे ईश्वर बता तू तब कहाँ था
तेरे घर तुझको पुकारा तू तब कहाँ था
लेके तेरा नाम मैंने दम है तौड़ा
द्रोपदी थी तेरी मुझसे मुँह क़्यों मोड़ा
क्या कोई नाता न था प्रभु मुझसे तेरा
पूछना में चाहती हु क्या था क़सूर मेरा ??????
पंकज सेन
8236925300

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

2 Comments

  1. Anjali Gupta - April 18, 2018, 4:25 pm

    well written

  2. ashmita - April 18, 2018, 8:27 am

    nice

Leave a Reply