कुछ भी नहीं छुपाता हूँ मैं माँ को सब कुछ बताता हूँ

कुछ भी नहीं छुपाता हूँ मैं माँ को सब कुछ बताता हूँ,
माँ मुझ पर प्यार लुटाती है मैं सब कुछ भूल जाता हूँ,
मैं भूखा जब हो जाता हूँ माँ मुझको खूब खिलाती है,
पर कभी कभी माँ मेरी चुप के भूखी भी सो जाती है,
मैं दूर कहीँ भी जाता हूँ माँ मुझको पास बुलाती है,
मैं माँ को भूल न पाता हूँ माँ मुझको भूल न पाती है।।
– राही (अंजाना)

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10 Comments

  1. Neha Saxena - May 12, 2018, 3:39 pm

    No words for this. Supper se upper

  2. Ujjwal - May 12, 2018, 10:11 pm

    Waah

  3. Baba - May 13, 2018, 9:17 am

    Waah

  4. Salman - May 13, 2018, 9:22 am

    Waah

  5. Salman - May 13, 2018, 9:22 am

    Waah

  6. Alka - May 13, 2018, 9:30 am

    Waah

  7. Shakku Mathur - May 13, 2018, 9:48 am

    Waah

  8. Madhyam Saxena - May 13, 2018, 9:58 am

    Waah ji

  9. ashmita - May 13, 2018, 10:43 am

    nice as always

  10. Mithilesh Rai - May 13, 2018, 11:47 am

    लाजवाब

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