कुछ टाइम निकालकर याद कर लेना मुझे भी।

कुछ टाइम निकालकर याद कर लेना मुझे भी।

कुछ टाइम निकालकर याद कर लेना मुझे भी।
पिछले कल तक साथ रहा तेरा हमारा।
आज के ही दिन डोली सजी थी, और माँग मे सितारा।
चाँद की रोशनी सभी को रास आते है, पर दिये की रोशनी पर हक हमारा ।।
मुबारक हो चाँद की रोशनी तुझे भी।
हो सके तो याद कर लेना उस रात मुझे भी।।
भले दुध के ग्लास मे हक नही हमारा,
पर दिया गया तुम्हारा तोफा दिये की ऱोशनी पर हक हमारा तुम्हारा।
समाने खड़ी है तुम्हारे मंजिल की गाड़ी ,
क्यो मुझको इशारो से बुलाती है।
कटी–फटी पतंग की तरफ मत देखो जो खुद के तुफान को संभाल ना सका,वो विश्वास की तुफान को क्या सभालेगा।
मेरे जीवन मे फिर सुबह होने जा रही है,
मेरे चिरागो को चिड़ते हुए दो दिन से तुम्हारी गाड़ी जा रही है।

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3 Comments

  1. Mithilesh Rai - May 19, 2018, 4:17 pm

    बहुत खूब

  2. राही अंजाना - June 20, 2018, 11:46 pm

    गजब

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