किसी साज़ की आवाज़

किसी साज़ की आवाज़

किसी साज़ की आवाज़ ने मेरे दिल को छुआ ही नहीं कबसे,
तुम्हारी साँसों के समन्दर की आवाज़ में मैं डूब गया जबसे।।
– राही (अंजाना)

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2 Comments

  1. ज्योति कुमार - September 10, 2018, 11:19 pm

    Awesome line

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